बिलासपुर। धरती पर जीवन अनमोल है, किन्तु जीवन में विघ्नों का आना स्वाभाविक है। उन विघ्नों को हरने की क्षमता प्रत्येक मनुष्य में होती है, लेकिन उसके लिए सही ज्ञान और विधि की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। विघ्नहर्ता गणेश भी हमें यही सिखाते हैं कि राजयोग की विधि और आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से मनुष्य अपने जीवन के विघ्नों पर विजय प्राप्त कर सकता है।


उक्त बातें ब्रह्माकुमारीज देवरीखुर्द सेवाकेंद्र की संचालिका बीके उमा बहन ने बिलासपुर में प्रथम बार रेड डायमंड होटल के सामने, मेन रोड हेमूनगर में आयोजित त्रिदिवसीय चैतन्य गणेश दर्शन के अवसर पर कहीं।
वहीं ब्रह्माकुमारीज हेमुनगर की संचालिका बीके लता बहन जी ने गणेश जी के आध्यात्मिक एवं व्यवहारिक अर्थ को समझाते हुए बताया कि गणेश जी का विशाल मस्तक विशाल और श्रेष्ठ चिंतन, बड़े कान धैर्यपूर्वक सुनने की कला, छोटी आंखें एकाग्रता तथा सूंड परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालने की क्षमता का प्रतीक है। उनका स्वरूप यह संदेश देता है कि जीवन के विघ्नों से घबराने के बजाय ज्ञान, विवेक, सकारात्मक चिंतन और आत्मिक शक्ति के माध्यम से उनका समाधान करना चाहिए।
बीके उमा बहन ने बताया कि शहर में इस प्रकार का आयोजन पहली बार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य समाज और जनमानस में अपने जीवन के विघ्नों को पहचानकर उन्हें दूर करने की आंतरिक शक्ति और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है। चैतन्य गणेश दर्शन 15 एवं 16 सितंबर को भी सायं 6 बजे से रात्रि 9:30 बजे तक आमजन के लिए उपलब्ध रहेगा।

आयोजन के प्रथम दिन ही बड़ी संख्या में लोगों ने उत्सुकता एवं श्रद्धाभाव के साथ चैतन्य गणेश जी के दर्शन किए तथा आरती में सहभागी बने। इस आयोजन को साकार रूप देने में रेड डायमंड बेकरी का विशेष सहयोग रहा। बेकरी परिवार की ओर से आयोजन हेतु आकर्षक पंडाल की संपूर्ण व्यवस्था करवाई गई। इस अवसर पर रेड डायमंड होटल के संचालक नारायण उभरानी एवं मनीष उभरानी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने श्रद्धापूर्वक आरती कर चैतन्य गणेश जी के दर्शन किए और आयोजन की आध्यात्मिक अनुभूति से भावविभोर हो गए। ब्रह्माकुमारीज परिवार ने उनके इस आत्मीय एवं सराहनीय सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
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