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12.50 लाख की पुलिया निर्माण में घटिया सामग्री उपयोग करने का आरोप, ग्रामसभा में फर्जी हस्ताक्षर से कोरम पूरा दिखाने की शिकायत, सचिव के पति पर पंचायत के निर्माण कार्यों में ठेकेदारी और हस्तक्षेप का आरोप, 10-11 वर्षों से एक ही पंचायत में पदस्थापना को लेकर भी उठाए सवाल

उद्देश्य कुमार साहू,

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सोनहत बैकुंठपुर।

जिले की ग्राम पंचायत सुंदरपुर में पंचायत सचिव और सरपंच की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। पंचायत में कथित मनमानी, निर्माण कार्यों में अनियमितता, ग्रामसभा के दस्तावेजों में फर्जी हस्ताक्षर और शासकीय योजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और उपसंचालक पंचायत को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

शिकायत में पंचायत सचिव श्रीमती शकुंतला पटेल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से सचिव के विरुद्ध शिकायतें किए जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक कि स्थानांतरण की प्रक्रिया होने के बाद भी आदेश पर रोक लगाकर उन्हें उसी पंचायत में बनाए रखा गया। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि सचिव करीब 10-11 वर्षों से इसी पंचायत में पदस्थ हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें कथित रूप से चुनौतीपूर्ण जवाब दिया जाता है और ग्रामसभा में सवाल पूछने पर एफआईआर कराने की धमकी दी जाती है

12.50 लाख की पुलिया निर्माण में घटिया सामग्री का आरोप

शिकायत का प्रमुख मुद्दा मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के अंतर्गत स्वीकृत 12.50 लाख रुपये की पुलिया निर्माण का है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में हाथ से तोड़ी गई गिट्टी और गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। निर्माण की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया है। शिकायतकर्ताओं ने कुछ समय पूर्व लगभग 11 लाख रुपये की लागत से हुए एक अन्य पुलिया निर्माण कार्य की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि दोनों निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच कराकर गुणवत्ता और खर्च की वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।

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सचिव पति पर पंचायत में ठेकेदारी और हस्तक्षेप का आरोप

शिकायत में पंचायत सचिव के पति प्रवीण पटेल का नाम भी सामने आया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार वे माध्यमिक शाला बेलिया में प्रधान पाठक हैं और वर्तमान में प्रभारी परियोजना अधिकारी के रूप में बैकुंठपुर में संलग्न हैं। आरोप है कि इसके बावजूद वे आए दिन ग्राम पंचायत के निर्माण कार्यों में ठेकेदारी और हस्तक्षेप करते नजर आते हैं। इस संबंध में पूर्व में भी शिकायत किए जाने और मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने का उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

ग्रामसभा में फर्जी हस्ताक्षर से कोरम पूरा दिखाने का आरोप

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शिकायत में विशेष ग्रामसभा को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामसभा में पंचों और ग्रामीणों की उपस्थिति बेहद कम थी, इसके बावजूद कार्यवाही रजिस्टर में फर्जी हस्ताक्षर कर कोरम पूरा दिखाया गया। जिन लोगों के नाम से हस्ताक्षर दर्शाए गए, वे कथित रूप से ग्रामसभा में मौजूद ही नहीं थे और न ही उन्हें इसकी जानकारी थी। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो पंचायत के अभिलेखों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।

मनरेगा से लेकर विधायक निधि तक जांच के दायरे में

ग्रामीणों ने केवल पुलिया निर्माण ही नहीं, बल्कि पंचायत में अब तक कराए गए समस्त निर्माण कार्यों की जांच की मांग की है। इसमें मूलभूत, समग्र विकास, विधायक निधि, जनपद निधि सहित अन्य शासकीय योजनाओं के कार्य शामिल हैं। मनरेगा के निर्माण कार्यों में भी कथित फर्जी बिल लगाए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में एक ऐसे स्थान पर ट्रैक्टर किराये का बिल लगाए जाने की बात कही गई है, जहां ट्रैक्टर का पहुंचना ही संभव नहीं होने का दावा किया गया है।

सचिव को हटाने और अभिलेखों की जांच की मांग

ग्रामीणों ने पंचायत सचिव के कार्यकाल, कार्यप्रणाली, पंचायत के समस्त अभिलेखों और शासकीय योजनाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायत में आरोप सही पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई करने तथा सचिव को ग्राम पंचायत सुंदरपुर से हटाकर अन्यत्र पदस्थ करने अथवा नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है।

शिकायत के साथ पूर्व में की गई शिकायतों की प्रतियां, स्थानांतरण संबंधी दस्तावेज और निर्माण कार्य के दौरान की तस्वीरें भी संलग्न किए जाने की बात कही गई है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इन गंभीर आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और जांच के जरिए पंचायत की कार्यप्रणाली की वास्तविक स्थिति कब तक सामने आती है।

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Uddeshya Sahu

A passionate journalist covering the latest updates and breaking stories around the globe.

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