कोरबा – पाली विकासखंड के ग्राम पंचायत बोईदा अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला सराईपाली में शुक्रवार को प्रधान पाठक सीताराम ओग्रे के जन्मदिवस के अवसर पर पालक-शिक्षक बैठक (पीटीएम), न्योता भोजन एवं विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन का प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मध्याह्न भोजन समिति एवं विद्यालय प्रबंधन के संयुक्त तत्वावधान में हुआ, जिसमें शिक्षा, संस्कार और सामुदायिक सहभागिता का सुंदर संदेश देखने को मिला।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्राम पंचायत बोईदा के सरपंच संजय सिंह राज एवं विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्रवण कुमार पटेल रहे। इस अवसर पर सरपंच संजय राज ने बच्चों को अपने हाथों से मिठाई खिलाकर जन्मदिवस की खुशियां साझा कीं और उन्हें नियमित विद्यालय आने, अनुशासन के साथ पढ़ाई करने तथा जीवन में ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया।

अपने संबोधन में सरपंच संजय राज ने कहा कि “गांव के बच्चों का उज्ज्वल भविष्य ही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। शिक्षा से जुड़ी किसी भी आवश्यकता के लिए मैं हर समय विद्यालय और बच्चों के साथ खड़ा हूं। बच्चों को बेहतर शिक्षा, आवश्यक सुविधाएं और प्रोत्साहन दिलाने के लिए ग्राम पंचायत हमेशा सहयोग करती रहेगी।”पीटीएम के दौरान पालकों के साथ विद्यालय की शैक्षणिक प्रगति एवं विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में शत-प्रतिशत नामांकन, विद्यार्थियों की APAAR आईडी, जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन, 19 जुलाई को आयोजित होने वाले वृक्षारोपण कार्यक्रम तथा विद्यार्थियों के जाति प्रमाण-पत्र बनवाने संबंधी जानकारी देकर पालकों से सहयोग की अपील की गई।कार्यक्रम में उपस्थित पालकों एवं ग्रामीणों ने विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यालय, पालकों और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर प्रधान पाठक सीताराम ओग्रे, माध्यमिक शाला प्रधान पाठक कमलेश कश्यप, सुरेश कुमार पटेल, हरिचंद्र जायसवाल, पंच प्रतिनिधि माखन पटेल, श्रवण कुमार पटेल, लकी यादव, माखनलाल पटेल, सदानंद पटेल, रामस्वरूप पटेल, दिनेश पटेल, विमला बाई, रमौतीन पटेल, सुमित्रा पटेल, मध्याह्न भोजन समूह की सदस्याएं, पालकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
विद्यालय परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षा, सामाजिक सहभागिता और बच्चों के मनोबल को बढ़ाने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल साबित हुआ।
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