कोरिया/ कभी छोटी.सी किराना दुकान की सीमित आमदनी से परिवार की जरूरतें पूरी करने वाली कोरिया जिले के ग्राम छिंदिया की श्रीमती सिंधु सिंह आज तीन आजीविका गतिविधियों का संचालन कर रही हैं। बिहान के अंतर्गत गठित कुहू महिला स्व.सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने किराना दुकान के साथ बकरी पालन और सिलाई कार्य शुरू किया। मेहनत, बेहतर प्रबंधन और परिवार के सहयोग से उनकी वार्षिक आय अब लगभग दो से तीन लाख रुपये तक पहुंच गई है।
सिंधु सिंह के परिवार की आजीविका पहले केवल किराना दुकान पर निर्भर थी। सीमित आय के कारण घरेलू जरूरतें पूरी करने में कठिनाई होती थी। वे अतिरिक्त काम शुरू कर परिवार की आमदनी बढ़ाना चाहती थी, लेकिन व्यवसाय के विस्तार के लिए पूंजी की जरूरत थी।
उनकी इस इच्छा को कुहू महिला स्व.सहायता समूह से जुड़ने के बाद राह मिली। समूह से 90 हजार रुपये का ऋण लेकर उन्होंने अपनी आजीविका गतिविधियों का विस्तार किया। पहले से संचालित किराना दुकान के साथ बकरी पालन शुरू किया और सिलाई के कौशल को स्वरोजगार में बदला। इससे परिवार को आय के दो अतिरिक्त स्रोत मिले।
सिंधु सिंह ने बताया कि तीनों गतिविधियों से अब उनकी वार्षिक आय लगभग दो से तीन लाख रुपये हो रही है। आय के अलग.अलग स्रोत बनने से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और घरेलू जरूरतें पूरी करना आसान हुआ है।
अपनी आमदनी बढ़ने के साथ सिंधु का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में सक्रिय योगदान देते हुए उन्होंने एक मेहनती और आत्मनिर्भर महिला उद्यमी के रूप में पहचान बनाई है। उनका सफर बताता है कि स्व.सहायता समूह का सहयोग, उपलब्ध कौशल और निरंतर मेहनत ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह खोल सकते हैं।
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