केंद्रीय विद्यालय सी.आर.पी.एफ. बिलासपुर में ‘हिंदी पखवाड़े’ का भव्य शुभारंभ

बिलासपुर – केंद्रीय विद्यालय सी.आर.पी.एफ. बिलासपुर में आज 1 सितंबर को अत्यंत उत्साह और गरिमामय वातावरण में ‘हिंदी पखवाड़े’ का भव्य शुभारंभ किया गया। इस

बिलासपुर – केंद्रीय विद्यालय सी.आर.पी.एफ. बिलासपुर में आज 1 सितंबर को अत्यंत उत्साह और गरिमामय वातावरण में ‘हिंदी पखवाड़े’ का भव्य शुभारंभ किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के मध्य राजभाषा हिंदी के प्रति जागरूकता, सम्मान और इसके प्रयोग को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात विद्यालय के विद्यार्थियों ने सुमधुर सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
प्रातः कालीन प्रार्थना सभा में वर्षा एवं दीपिक्षा ने “हिंदी-भारत की बिंदी” शीर्षक पर प्रेरणादायक कविता प्रस्तुत की।


तत्पश्चात बाल कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
विद्यार्थियों ने साहित्यकारों की वेशभूषा में उनकी कविताओं का सुमधुर पाठ किया।अर्पित तिवारी ने तुलसीदास की, अक्षत एवं प्रणय ने कबीरदास की, वैशाली एवं कृतिका ने मीराबाई की, आरव ने जयशंकर प्रसाद की, वरदान पटेल ने निराला की, देवांश ने पंत की, खगेन्द्र ने मैथिलीशरण गुप्त की, सभ्यता राय ने सुभद्राकुमारी चौहान की, भूमि ने अनामिका अंबर की कविताओं का पाठ किया। नन्हीं सी पावनी ने महारानी लक्ष्मीबाई की भूमिका निभाई।राजभाषा कार्यान्वयन समिति के सचिव सुनील पाण्डेय ने हिंदी की संवैधानिक स्थिति की चर्चा करते हुए कहा कि हिंदी वह धागा है, जो देश को एकता के सूत्र में पिरोती है।

1 से 15 सितंबर तक चलने वाले इस हिंदी पखवाड़े के दौरान विद्यार्थियों की भाषाई क्षमता और रचनात्मकता को निखारने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा:प्राथमिक एवं माध्यमिक वर्ग: निबंध लेखन, स्वरचित काव्य पाठ, और सुलेख प्रतियोगिता।
वरिष्ठ वर्ग: वाद-विवाद प्रतियोगिता, हिंदी क्विज़ (प्रश्नोत्तरी), और भाषण स्पर्धा।

शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए: राजभाषा हिंदी टिप्पणी एवं आलेखन प्रतियोगिता।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य ने कहा, “हिंदी केवल हमारी राजभाषा ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और अभिव्यक्ति का सबसे सरल माध्यम है। इस प्रकार के आयोजन भावी पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े रखने और हिंदी के प्रयोग को दैनिक जीवन में सहज बनाने का काम करते हैं।”शुभारंभ समारोह के अंत में वरिष्ठ शिक्षक अशोक देवांगन ने सभी उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। संपूर्ण कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर ‘हिंदी हमारी शान है, देश का स्वाभिमान है’ के नारों से गुंजायमान रहा।

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