सीपत (सतीश यादव)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर सर्व यादव समाज सीपत के तत्वावधान में गुरुवार को भव्य शोभायात्रा निकाली गई। भगवान श्रीकृष्ण और राधा की मनमोहक झांकियों से सजी शोभायात्रा में समाज के लोगों का उत्साह देखते ही बना। जगह-जगह श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों ने शोभायात्रा का स्वागत कर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।शोभायात्रा का शुभारंभ काली मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ।

इसके बाद बाजे-गाजे और भक्ति गीतों के बीच समाज के पुरुष, महिलाएं और युवा नाचते-झूमते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए। पूरे मार्ग में ‘जय यादव-जय माधव’ के जयकारे गूंजते रहे, जिससे सीपत का वातावरण भक्तिमय हो गया।शोभायात्रा मटेरियल गेट और नवाडीह चौक होते हुए प्रेस क्लब भवन पहुंची।

बग्घी में सवार राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकी लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रही। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा एवं स्वागत कर शोभायात्रा का अभिनंदन किया। समाज के पदाधिकारियों ने भी आगंतुकों का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। रास्ते में टांगी गई मटकियों को समाज के युवाओं ने उत्साह के साथ फोड़ा।

लाठी चालन और रावत दोहों ने बांधा समां
शोभायात्रा में यादव समाज की पारंपरिक संस्कृति और लोककला की जीवंत झलक देखने को मिली। समाज के युवाओं ने लाठी चालन का प्रदर्शन कर अपनी कला और कौशल का प्रदर्शन किया। वहीं रावत दोहों की गूंज ने माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया। पारंपरिक वेशभूषा में शामिल युवाओं और लोकगीतों की प्रस्तुति ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।शोभायात्रा में सर्व यादव समाज के साथ विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों ने भी सहभागिता की। आयोजन में समाज की एकजुटता, सामाजिक समरसता और धार्मिक आस्था साफ नजर आई।प्रेस क्लब भवन पहुंचने के बाद समाज की ओर से आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों और उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार जताया गया। इसके पश्चात मटकी फोड़ कार्यक्रम एवं प्रसाद वितरण किया गया और इसी के साथ शोभायात्रा का समापन हुआ।समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करने के साथ ही युवा पीढ़ी को अपनी पारंपरिक संस्कृति, लोककला और विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।





