एक महीने में तीसरी मौत: बिलासपुर केंद्रीय जेल में उम्रकैद के कैदी ने तोड़ा दम, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

बिलासपुर। बिलासपुर केंद्रीय जेल में एक बार फिर एक कैदी की मौत का मामला सामने आया है। पिछले एक महीने के भीतर यह तीसरी मौत

बिलासपुर। बिलासपुर केंद्रीय जेल में एक बार फिर एक कैदी की मौत का मामला सामने आया है। पिछले एक महीने के भीतर यह तीसरी मौत होने से जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार तिफरा के यादव मोहल्ला निवासी 82 वर्षीय सोखराम साहू केंद्रीय जेल में हत्या के मामले में वर्ष 2014 से आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। बताया जा रहा है कि 14 जुलाई की आधी रात वह जेल के बाथरूम में फिसलकर गिर गए, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। जेल प्रशासन ने उन्हें तत्काल जेल अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर पुलिस अभिरक्षा में सिम्स अस्पताल भेजा गया, जहां मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

जेल प्रशासन के मुताबिक सोखराम साहू लंबे समय से शुगर और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों से पीड़ित थे। उनका इलाज पहले रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में भी कराया जा चुका था और वर्तमान में जेल अस्पताल में नियमित उपचार चल रहा था। अधिक उम्र और कमजोर स्वास्थ्य के कारण उन्हें चलने-फिरने में भी परेशानी होती थी। प्रारंभिक तौर पर हार्ट अटैक को मौत का कारण माना जा रहा है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।

इधर, लगातार हो रही कैदियों की मौत ने जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक महीने में तीन कैदियों की मौत ने यह बहस तेज कर दी है कि क्या केंद्रीय जेल में स्वास्थ्य सुविधाएं पर्याप्त हैं? क्या बुजुर्ग और गंभीर बीमार कैदियों की नियमित निगरानी और इलाज में कहीं लापरवाही तो नहीं हो रही?

हालांकि केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेंश मंडावी का कहना है कि कैदी का नियमित इलाज किया जा रहा था और तबीयत बिगड़ने पर तत्काल अस्पताल भेजा गया। फिलहाल मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं लगातार सामने आ रही मौतों ने केंद्रीय जेल प्रशासन को एक बार फिर सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है।

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