गिट्टी-मुरुम डालकर सड़क निर्माण अधूरा छोड़ गया ठेकेदार, 600 सौ मीटर हिस्सा बदहाल,कीचड़ से परेशान ग्रामीण

कोरबा । ग्रामीण क्षेत्र में सड़क निर्माण को लेकर ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। गिट्टी-मुरुम डालकर सड़क का काम शुरू तो किया

कोरबा । ग्रामीण क्षेत्र में सड़क निर्माण को लेकर ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। गिट्टी-मुरुम डालकर सड़क का काम शुरू तो किया गया, लेकिन करीब 600 सौ मीटर हिस्से को अधूरा छोड़ दिया गया है। बारिश के मौसम में यही अधूरा हिस्सा अब ग्रामीणों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बन गया है। सड़क पर जगह-जगह कीचड़ और पानी जमा होने से लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है, वहीं दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक भी जोखिम उठाकर आवागमन करने को मजबूर हैं।मामला कोरबा जिले के पाली ब्लॉक के ग्राम पंचायत बोईदा के ओढ़ालीडीह से तिलैहापारा घटवाई मंदिर मार्ग सड़क निर्माण से जुड़ा है। सड़क किनारे लगाए गए निर्माण संबंधी सूचना बोर्ड के अनुसार मार्ग की लंबाई 5.70 किलोमीटर है।

कार्य के लिए प्रशासनिक स्वीकृति राशि 585.06 लाख रुपए तथा अनुबंधित लागत 520.70 लाख रुपए दर्शाई गई है। बोर्ड पर कार्य पूर्णता की संभावित तिथि 11 जुलाई 2026 अंकित है। इसके बावजूद सड़क का एक बड़ा हिस्सा अब भी बदहाल नजर आ रहा है।बारिश ने बढ़ाई अधूरी सड़क की परेशानी सड़क पर जहां गिट्टी-मुरुम डाला गया है, वहां भी बारिश के बाद स्थिति खराब हो गई है, जबकि करीब 600 सौ मीटर हिस्से में गिट्टी-मुरुम का काम नहीं होने से मार्ग कीचड़ में तब्दील हो गया है। लगातार बारिश के चलते सड़क पर पानी जमा हो रहा है और कई स्थानों पर दलदल जैसी स्थिति बन गई है।

ऐसे में ग्रामीणों को अपने वाहन निकालने में परेशानी हो रही है।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य शुरू होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी, लेकिन ठेकेदार द्वारा काम अधूरा छोड़ दिए जाने से समस्या और बढ़ गई है। निर्माण कार्य के दौरान सड़क को समतल कर गिट्टी-मुरुम डालने के बाद आगे का काम नहीं होने से बारिश में पूरा मार्ग खराब हो गया है।स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को सबसे ज्यादा परेशानी अधूरी सड़क के कारण रोजाना आने-जाने वाले ग्रामीणों के साथ स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।

कीचड़ में वाहन फिसलने से दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। कई बार ग्रामीणों को अपने वाहन दूर खड़े कर पैदल रास्ता पार करना पड़ता है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में तेजी नहीं दिखाई जा रही है, जबकि बारिश के मौसम में अधूरी सड़क की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क के बचे हुए हिस्से में गिट्टी-मुरुम डालकर उसे समतल नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आवागमन और मुश्किल हो सकता है।

लाखों की लागत, फिर भी सड़क बदहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सड़क निर्माण के लिए करोड़ों रुपए की स्वीकृत राशि और लाखों रुपए की अनुबंधित लागत निर्धारित है, तो इसके बावजूद सड़क का हिस्सा अधूरा क्यों पड़ा है।

ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से निर्माण कार्य की मौके पर जांच कराने, ठेकेदार को आवश्यक निर्देश देने और अधूरे हिस्से का काम जल्द पूरा कराने की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण का उद्देश्य लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा देना है, लेकिन वर्तमान स्थिति में अधूरी सड़क सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बन गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि ठेकेदार को तत्काल शेष 600 सौ मीटर हिस्से में गिट्टी-मुरुम डालकर सड़क को आवागमन योग्य बनाने की मांग की है।

विधायक प्रतिनिधि दुष्यंत शर्मा

विधायक प्रतिनिधि दुष्यंत शर्मा ने कहा कि ओढ़ालीडीह से तिलैहापारा घटवाई मंदिर मार्ग का निर्माण कार्य अधूरा छोड़े जाने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण सड़क पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित विभाग को मामले का संज्ञान लेकर ठेकेदार से शेष कार्य तत्काल पूरा कराने और सड़क को आवागमन योग्य बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।

ग्राम पंचायत बोईदा सरपंच संजय राज

ग्राम पंचायत बोईदा के सरपंच संजय राज ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य को ठेकेदार द्वारा अधूरा छोड़ दिया गया है। करीब 600 मीटर हिस्से में अब तक गिट्टी-मुरुम नहीं डाला गया है, जिसके चलते बारिश में सड़क की स्थिति बेहद खराब हो गई है और ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। इस मामले को लेकर कोरबा कलेक्टर से शिकायत भी की गई है, लेकिन अब तक समस्या का निराकरण नहीं हुआ है। सरपंच ने संबंधित विभाग से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए ठेकेदार को तत्काल अधूरा काम पूरा करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि ग्रामीणों को बारिश के दौरान हो रही परेशानी से राहत मिल सके।

ग्रामीण सुनील नायक
ग्रामीण सुनील नायक ने बताया कि ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण का काम अधूरा छोड़कर चले जाने से ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण अधूरी सड़क पर जगह-जगह कीचड़ और पानी जमा हो गया है, जिससे आने-जाने में भारी दिक्कत हो रही है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है, जिन्हें रोजाना इसी मार्ग से होकर स्कूल जाना पड़ता है। कीचड़ के कारण बच्चों के फिसलने का खतरा बना रहता है। उन्होंने मांग की कि ठेकेदार जल्द से जल्द अधूरा काम पूरा कर सड़क को आवागमन योग्य बनाए।

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