सोनहत में आंदोलन की आहट से गरमाई सियासत, भाजपा नेता के आरोपों के बीच कांग्रेस ने उठाया कथित FTO घोटाले का मुद्दा

सोनहत में आंदोलन की आहट के बीच सियासत गरमा गई है। भाजपा नेता मनोज साहू के आरोपों के बीच कांग्रेस नेता व पंच संघ अध्यक्ष


कोरिया सोनहत। प्रशासनिक मनमानी और कथित अनियमितताओं के खिलाफ भाजपा नेता मनोज साहू द्वारा 10 सितंबर से सत्याग्रह किए जाने के ऐलान और उससे पहले सोनहत में चेतावनी यात्रा निकालने की घोषणा के बीच अब पंचायत स्तर पर कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे भी सोशल मीडिया पर गरमाने लगे हैं। ब्लॉक सोनहत पंच संघ अध्यक्ष ने सार्वजनिक व्हाट्सएप ग्रुप में एक तीखी पोस्ट डालते हुए लिखा है—“आज सुकून भरा समाचार पढ़ने को मिला…” और इसके साथ ही उन्होंने कथित भ्रष्टाचार के कई मामलों की जांच एवं कार्रवाई की उम्मीद जताई है।
पंच संघ अध्यक्ष की पोस्ट को भाजपा नेता मनोज साहू द्वारा घोषित आंदोलन के बाद सामने आया महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। पोस्ट में अध्यक्ष ने कहा कि अब उन्हें सिर्फ उम्मीद नहीं, बल्कि पूर्ण विश्वास है कि मनरेगा में हुए बताए जा रहे करीब 22 लाख रुपये के कथित फर्जी FTO, अपने गृह ग्राम में करीब 18 लाख रुपये की लागत से बिना सड़क के बीच खेत में बनी पुलिया, तथा नाली निर्माण से जुड़े मामले में जांच और कार्रवाई हो सकेगी।
नाली टूटी, राशि आहरित… फिर निर्माण क्यों नहीं?
पोस्ट में दावा किया गया है कि कथित भ्रष्टाचार के कारण एक नाली को JCB मशीन से तोड़ा गया था, लेकिन इसके बाद भी न तो राशि की रिकवरी हुई और न ही नाली का दोबारा निर्माण कराया गया। जबकि निर्माण कार्य की राशि आहरित किए जाने का आरोप लगाया गया है। ऐसे में सवाल उठाया गया है कि यदि नाली का दोबारा निर्माण नहीं हुआ तो सरकारी राशि का हिसाब क्या है?
2008 से 2018 तक के पुराने रिकॉर्ड भी जांच के घेरे में!
मामला यहीं नहीं रुकता। पंच संघ अध्यक्ष ने वर्ष 2008 से 2018 तक कागजों में हुए बताए जा रहे कार्यों में भी कथित भ्रष्टाचार की जांच की मांग उठाई है। उन्होंने दावा किया है कि यदि जांच गंभीरता से होती है तो पुराने रिकॉर्ड की पड़ताल से कई मामलों की परतें खुल सकती हैं।
अध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वे एक-एक कथित भ्रष्टाचार की जानकारी पूरे प्रमाण और दस्तावेजों के साथ देने को तैयार हैं। पोस्ट में उन्होंने एक व्यक्ति पर कथित तौर पर “भ्रष्टाचारियों का सरदार” होने और लंबे समय से लोगों की आंखों में धूल झोंककर झूठी वाहवाही लेने का आरोप भी लगाया है।
मनोज साहू का सत्याग्रह और पंच संघ अध्यक्ष की पोस्ट—क्या अब खुलेगी फाइल?
भाजपा नेता मनोज साहू ने प्रशासनिक व्यवस्था में कथित मनमानी, भ्रष्टाचार, योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही, आमजन एवं जनप्रतिनिधियों के साथ व्यवहार तथा नियुक्ति-पदस्थापना में कथित अनियमितताओं को लेकर 10 सितंबर से सत्याग्रह का ऐलान किया है। इससे पहले चेतावनी यात्रा निकालकर प्रशासन को समस्याओं से अवगत कराने की बात कही गई है।
इसी बीच पंच संघ अध्यक्ष द्वारा सोशल मीडिया पर पंचायतों से जुड़े पुराने और नए कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए जाने से सोनहत की सियासत और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या 22 लाख के कथित FTO से लेकर 18 लाख की पुलिया, नाली निर्माण और वर्ष 2008 से 2018 तक के कथित पुराने कार्यों की फाइल खुलेगी? क्या दस्तावेजों की जांच होगी? और यदि गड़बड़ी मिलती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी?
यदि पंच संघ अध्यक्ष द्वारा बताए गए दस्तावेज जांच एजेंसी अथवा प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं, तो सोनहत में पंचायत स्तर पर कथित अनियमितताओं की जांच का दायरा काफी बड़ा हो सकता है।
फिलहाल सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक पुष्टि नहीं हुई है। अब निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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दिनेश कांशी

"दिनेश कांशी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। डिजिटल मीडिया की गहरी समझ और खबरों को निष्पक्षता से पेश करने के उनके अनुभव ने 'भारत की आवाज़' को एक नई पहचान दी है। वे पत्रकारिता की सटीकता और सत्यता को सर्वोपरि मानते हैं।"
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