सोनहत।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आदिवासी विद्यार्थियों के लिए संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय बालक छात्रावास, सोनहत में साफ-सफाई की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रावास परिसर और अंदर के कमरों में गंदगी फैली होने की शिकायत सामने आई है। बताया जा रहा है कि छात्रावास के अंदर फर्श भी टूटा फूटा है, जिससे छात्रों को अस्वच्छ वातावरण में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
अभिभावकों का कहना है कि छात्रावास में नियमित साफ-सफाई नहीं हो रही है।एक हफ्ते में सिर्फ एक बार साफ़ सफाई और झाड़ू लग रहा है ,इस संबंध में जब अधीक्षक से बात की गई तो उनका कहना था कि “नया बन रहा है और लड़के तो ऐसे ही गंदगी में ही रहते हैं।” अधीक्षक का यह बयान लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और स्वच्छ वातावरण को लेकर अभिभावकों तथा स्थानीय नागरिकों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि जहां शासन विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है, वहीं इस तरह की लापरवाही योजनाओं के उद्देश्य पर सवाल खड़े करती है।
लोगों ने जिला प्रशासन और आदिम जाति कल्याण विभाग से मामले की जांच कर छात्रावास में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।





