कोरबा – ग्राम पंचायत बोईदा में धान की फसल तैयार होने के शुरुआती दौर में ही खेतों में आवारा एवं खुले छोड़े गए बैल और मवेशी किसानों के लिए चिंता का कारण बनते जा रहे हैं।हर खेतों में बैल धान की फसल के बीच चरते नजर आए, जिससे फसल को नुक्सान पहुंचने की आशंका ज्यादा बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि बरसात के मौसम में बड़ी मेहनत और लागत से धान की रोपाई बियासी की जाती है। ऐसे में यदि मवेशी खेतों में घुसकर फसल चरते या रौंदते है,तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो कई किसानों की मेहनत पर पानी फिर सकता है।ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत से मांग की है कि आवारा मवेशियों की रोकथाम के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए।

पंचायत को चाहिए कि मवेशियों को गौठान या सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा खेतों में उनकी आवाजाही रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए, ताकि किसानों की फसल सुरक्षित रह सके।ग्रामीणों के अनुसार कई पशुपालक अपने बैलों को खुले में छोड़ देते हैं, जिससे वे खेतों में पहुंचकर धान की पौध चरने और रौंदने लगते हैं।ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत से मांग की है कि पूरे गांव में तत्काल मुनादी कराई जाए और सभी पशुपालकों को निर्देश दिया जाए कि वे अपने -अपने बैलों और मवेशियों को बांधकर रखें तथा खुले में न छोड़ें।





