बिलासपुर स्थित ग्राम हॉफा में देवाधिदेव सिद्ध बघर्रा पाठ भगवान नृसिंह नाथ मंदिर में दशमी तिथि अश्विनी और भरणी नक्षत्र के दुर्लभ संयोग पर एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य धनेश उपाध्याय जी ने बताया दशमी तिथि के साथ अश्विनी और भरणी नक्षत्र का यह संयोग आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस अवसर पर आचार्य ने भक्तों को भगवान नृसिंह की महिमा और उनके रक्षाभावी अवतार की कथाएं सुनाईं संपूर्ण कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर ‘जय नृसिंह देव’ के जयकारों से गूँजता रहा दशमी

तिथि के दिन भगवान नृसिंह की पूजा-अर्चना करने से सभी प्रकार के कष्टों और रोगों से मुक्ति मिलती है वहीं, अश्विनी नक्षत्र को आरोग्य और दीर्घायु प्रदान करने वाला माना गया है भरणी नक्षत्र हिंदू ज्योतिष में दूसरा नक्षत्र है, जो अपनी उग्रता, रचनात्मकता और दृढ़ संकल्प के लिए जाना जाता है इस अवसर पर पूरा मंदिर परिसर मंत्रोच्चार, शंख ध्वनि और हरि नाम संकीर्तन से गूंज उठा कार्यक्रम का मुख्य केंद्र बिंदु संगीतमय मानस पाठ रहा,

जहां ग्राम के एवं शहर से पधारे मानस प्रेमी भक्तों द्वारा सामूहिक स्वर में चौपाइयों का गायन किया गया एवं विशेष अनुष्ठान किए गए, जिसमें भगवान नृसिंह देव को नैवेद्य अर्पित कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई आचार्य जी ने कहा यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और संस्कारित जीवन को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभा रहा है निस्वार्थ भाव से सनातन धर्म और संस्कृति के प्रचार-प्रसार में जुटे मानस परिवार के सभी सदस्य साधुवाद और प्रशंसा के पात्र हैं महा आरती के पश्चात समस्त भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया इस शुभ अवसर पर मानस प्रेमी भक्तों में पंडित रामकुमार उपाध्याय, पंडित रमेश अवस्थी, पंडित डॉ महेंद्र दुबे, पंडित संजय तिवारी, कुमारी सोनल उपाध्याय, पंडित क्रियांश उपाध्याय, कुमारी हेमाक्षी उपाध्याय,भेदी कैवर्त, पंडित रमेश उपाध्याय ,रामलाल कश्यप,अवधेश गुप्ता, पंडित केजू राम शर्मा,माधव श्रीवास,कौशल प्रसाद कोरी, लालू कैवर्त पंडित राजेंद्र उपाध्याय, ब्रह्मानंद यादव आदि समस्त भक्त उपस्थित रहे।।





