क्या देश में फिर लगेगा लॉकडाउन? PM मोदी के बयान पर केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने दिया बड़ा अपडेट

India Lockdown Update: क्या देश में एक बार फिर लॉकडाउन जैसी स्थिति बनने वाली है? सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से देश में दोबारा



India Lockdown Update: क्या देश में एक बार फिर लॉकडाउन जैसी स्थिति बनने वाली है? सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से देश में दोबारा लॉकडाउन लगने की अफवाहें तेजी से वायरल हो रही हैं. इन दावों से आम जनता के बीच एक बार फिर डर और भ्रम का माहौल बनने लगा था. अब भारत सरकार ने इन सभी खबरों पर आधिकारिक रूप से विराम लगा दिया है और साफ किया है कि देश में किसी भी तरह का लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और हरदीप सिंह पुरी समेत सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने इन वायरल दावों को पूरी तरह से ‘झूठा’ और ‘बेबुनियाद’ करार दिया है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जनता से अपील की है कि वे इस तरह की गलत खबरों पर भरोसा न करें और देश में डर का माहौल न बनाएं.

कहां से शुरू हुआ यह भ्रम?

दरअसल, यह पूरा भ्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसद में दिए गए एक हालिया भाषण के बाद शुरू हुआ. पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी ऊर्जा संकट के संदर्भ में देश को संबोधित करते हुए “कोविड जैसी तैयारियों” का जिक्र किया था. प्रधानमंत्री का इशारा किसी बीमारी या पाबंदी की तरफ नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संकट के समय देश को आर्थिक और रणनीतिक रूप से मजबूत और लचीला बनाए रखने की तैयारियों को लेकर था. सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इस बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया और इसे देश में दोबारा आवाजाही पर पाबंदी यानी लॉकडाउन से जोड़ दिया.

सरकार ने दी सख्त हिदायत

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ शब्दों में कहा, “देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा. सोशल मीडिया पर जो संदेश घूम रहे हैं, वे पूरी तरह फर्जी हैं.” सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है और लोगों को बिना किसी पुष्टि के ऐसी भ्रामक खबरों को शेयर करने से बचना चाहिए. फैक्ट-चेक में भी यह बात पूरी तरह साबित हो चुकी है कि वायरल हो रहे दावों में कोई सच्चाई नहीं है ।

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दिनेश कांशी

"दिनेश कांशी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। डिजिटल मीडिया की गहरी समझ और खबरों को निष्पक्षता से पेश करने के उनके अनुभव ने 'भारत की आवाज़' को एक नई पहचान दी है। वे पत्रकारिता की सटीकता और सत्यता को सर्वोपरि मानते हैं।"
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