Petrol-Diesel Price: मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान और इजरायल के बीच 28 फरवरी से जंग छिड़ गई थी. जिसमें अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर मिसाइलें दागी. ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका और इजरायल पर कई हमले किए. इस दौरान ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को भी बंद कर दिया. जिसकी वजह से दुनियाभर में ईंधन की कीमतों पर बढ़ी उछाल देखी गई. कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगीं. लेकिन अब तीनों देशों ने युद्ध विराम पर सहमति जताई है. कच्चे तेल की कीमत भी काफी कम हो गई है. ऐसे में आम आदमी के मन में एक ही सवाल है कि आखिर क्या पेट्रोल-डीजल के दाम घटेंगे.
कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से दुनियाभर में ईंधन की कीमतों पर प्रभाव पड़ा है. भारत में भी पेट्रोल-डीजल और एलपीजी गैस के दाम बढ़े हैं. लेकिन राहत की बात यह है कि आज पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है. तेल-गैस कंपनियों ने ईंधन के दाम यथावत रखे हैं.
25 मई के बाद नहीं बढ़े दाम
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अगर कच्चे तेल की बात करें, तो आज सुबह के कारोबार में ब्रेंट क्रूड 1.33 फीसदी (1.06 डॉलर) लुढ़ककर 78.79 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. यानी युद्ध विराम के संकेत मिलने के बाद से ही कच्चे तेल में लगातार गिरावट जारी रही. लेकिन 25 मई के बाद भारत में पेट्रोल-डीजल के दामों को कोई बदलाव नहीं किया गया है. जबकि पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि तेल-गैस कंपनियां काफी घाटे में होने के बावजूद आम लोगों को राहत देने का प्रयास कर रही हैं.





