शैलेश गुप्ता सोनहत/कोरिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के हालिया सोनहत प्रवास के दौरान ग्राम कुशहा में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ता द्वारा अपनी ही पार्टी के विधायक को लेकर सार्वजनिक मंच से उठाए गए सवाल अब राजनीतिक चर्चा का बड़ा विषय बन गए हैं। मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब भाजपा जिला संगठन की ओर से संबंधित कार्यकर्ता को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर दिया गया।
जारी नोटिस के अनुसार, 21 मई 2026 को आयोजित कार्यक्रम में भाजपा जिला महामंत्री मनोज साहू द्वारा सार्वजनिक मंच से यह सवाल उठाया गया था कि “माननीय विधायक का सोनहत क्षेत्र में भ्रमण नहीं होता है।” संगठन ने इसे आंतरिक एवं संगठनात्मक चर्चा से जुड़ा विषय बताते हुए सार्वजनिक मंच पर उठाना संगठनात्मक मर्यादा के विपरीत माना है।
भाजपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र तिवारी द्वारा जारी कारण बताओ सूचना पत्र में मनोज साहू से सात दिवस के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। नोटिस की प्रतिलिपि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, प्रदेश महामंत्री (संगठन) पवन साय तथा भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकोरीह को भी भेजी गई है।
इधर, इस पूरे घटनाक्रम ने कई राजनीतिक सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां बनीं कि भाजपा कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी ही पार्टी के विधायक की कार्यशैली पर सवाल उठाना पड़ा। यह भी चर्चा तेज है कि क्या यह बयान किसी सुनियोजित रणनीति के तहत दिया गया था अथवा संगठन के भीतर समन्वय और संवाद की कमी अब सार्वजनिक रूप से सामने आने लगी है।
स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि यदि कार्यकर्ताओं में वास्तव में असंतोष है तो भाजपा नेतृत्व को उसके कारणों को स्पष्ट करना चाहिए। वहीं यदि मामला गुटीय राजनीति से जुड़ा है तो यह संगठनात्मक एकता और अनुशासन पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
फिलहाल कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद जिले की राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है तथा सभी की नजर अब मनोज साहू के जवाब और भाजपा संगठन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।





