फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, 5 दिनों में दूसरी बार बढ़ीं कीमतें, जानें आपके शहर के रेट्स

Diesel Petrol Rate Hike: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है. इसका असर भारत



Diesel Petrol Rate Hike: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है. इसका असर भारत भी पड़ रहा है. एक बार फिर से आम जनता पर महंगाई मार पड़ी है. मंगलवार (19 मई) सुबह सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम में 90 पैसे की बढ़ोतरी की है. ये पांच दिनों में दूसरी कीमतों में इजाफा किया गया है.

 

 

पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी की क्या वजह है?

दरअसल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता जारी है. ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण तेल और गैस के परिवहन और उत्पादन पर असर पड़ा है. होर्मूज स्ट्रेट बंद होने के कारण कच्चे के दाम, जो पहले 70 डॉलर प्रति बैरल थे, अब 100 डॉलर के पार पहुंच गया है.

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पश्चिम एशिया में संकट के बाद दुनिया भर के 100 से ज्यादा देशों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा कर दिया था. भारतीय तेल कंपनियों को महंगे कच्चे तेल की वजह रोजाना लगभग 1000 करोड़ का नुकसान हो रहा था. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी पेट्रोल-डीजल के दाम के में बढ़ोतरी के संकेत दिए थे. उन्होंने कहा था कि कंपनियां ज्यादा दिनों तक इसका बोझ नहीं उठा पाएंगी.

 

आपके शहर में डीजल-पेट्रोल के दाम

पेट्रोल के कीमत

 

शहर पुराने दाम (रुपये प्रति लीटर) नए दाम (रुपये प्रति लीटर) अंतर

दिल्ली 97.77 98.64 87 पैसे

मुंबई 106.68 107.59 91 पैसे

कोलकाता 108.74 109.70 96 पैसे

चेन्नई 103.67 104.49 82 पैसे

भोपाल 109.91 110.75 84 पैसे

डीजल की कीमत

 

शहर पुराने दाम (रुपये प्रति लीटर) नए दाम (रुपये प्रति लीटर) अंतर

दिल्ली 90.67 91.58 91 पैसे

मुंबई 93.14 94.08 94 पैसे

कोलकाता 95.13 96.07 94 पैसे

चेन्नई 95.25 96.11 86 पैसे

भोपाल 95.08 95.91 83 पैसे

डीजल-पेट्रोल के दाम में बढ़ोतरी का असर

डीजल-पेट्रोल के दाम में बढ़ोतरी से माल ढुलाई और सामान के परिवहन पर असर पड़ेगा.

ट्रैक्टर और पंपसेट का उपयोग किसानों के लिए महंगा हो जाएगा.

परिवहन के साधनों जैसे- ऑटो, टैक्सी और बस आदि का सफर महंगा हो सकता है.

सब्जी, फल और दूसरे सामान की ढुलाई महंगी होने की वजह से आम आदमी पर इसका असर पड़ेगा.

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दिनेश कांशी

"दिनेश कांशी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। डिजिटल मीडिया की गहरी समझ और खबरों को निष्पक्षता से पेश करने के उनके अनुभव ने 'भारत की आवाज़' को एक नई पहचान दी है। वे पत्रकारिता की सटीकता और सत्यता को सर्वोपरि मानते हैं।"
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